कॉम्पैक्ट डिस्क (CD) क्या है इसके प्रकार (Compact Disc In Hindi)

Compact Disc Kya Hai In Hindi: इंटरनेट के आने से पहले मानव के लिए डेटा स्टोर करना एक बहुत बड़ी समस्या थी, इसी कारण से समय – समय पर डेटा स्टोर करने के लिए नए – नए स्टोरेज डिवाइस का आविष्कार किया जाता है. 1980 के दशक में जो स्टोरेज डिवाइस सबसे लोकप्रिय थी वह CD थी.

हालांकि CD को ऑडियो रिकॉर्डिंग स्टोर करने के लिए बनाया गया था, लेकिन धीरे – धीरे इसका इस्तेमाल अन्य डेटा को स्टोर करने के लिए भी किया जाने लगा. और एक ऐसा समय भी आया जब CD से advance स्टोरेज डिवाइस मार्केट में आये और उन्होंने CD का स्थान ले लिया.

कॉम्पैक्ट डिस्क (CD) क्या है और इसके प्रकार (Compact Disk In Hindi)

आज के इस लेख में हम आपको CD क्या है CD का फुल फॉर्म, CD का इतिहास, CD कैसे काम करती है, CD के प्रकार, CD की विशेषताएं और CD के फायदे नुकसानों के बारे में जानकारी देंगे. इसके अलावा आपको इस लेख में CD के बारे में बहुत ही उपयोगी जानकारी मिलने वाली है. और लेख के अंत तक आपको यह भी समझ में आ जाएगा कि CD का इस्तेमाल अब क्यों नहीं किया जाता है.

तो चलिए बिना किसी देरी के शुरू करते हैं आज के इस लेख को और जानते हैं CD क्या है हिंदी में विस्तार से.

कॉम्पैक्ट डिस्क (सीडी) क्या है – What is CD in Hindi

CD यानि Compact Disc एक पोर्टेबल स्टोरेज डिवाइस है जिसका इस्तेमाल ऑडियो, विडियो तथा अन्य डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है. CD में डेटा को एक बार Write किया जाता है और फिर उसे कई बार read किया जा सकता है.

शुरुवात में CD का उपयोग केवल डिजिटल ऑडियो रिकॉर्डिंग के लिए किया जाता था लेकिन बाद में इसका उपयोग सभी प्रकार के डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाने लगा.

CD आकार में वृताकार होती है और इसका माप 4.7 इंच तथा मोटाई 1.2 mm होती है. कॉम्पैक्ट डिस्क का वजन 15 से 20 ग्राम तक होता है और यह लगभग 72 मिनट का म्यूजिक यानि 700 MB तक डेटा भंडारण कर सकता है. CD में स्टोर डेटा को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है. हालांकि CD में खरोंच आ जाने से इसमें स्टोर डेटा को read कर पाना मुश्किल होता है.

CD का फुल फॉर्म (CD Full Form in Hindi)

CD का फुल फॉर्म Compact Disc होता है, जिसे हिंदी में कॉम्पैक्ट डिस्क कहते हैं.

CD का इतिहास (History of CD in Hindi)

CD का आविष्कार अमेरिकी अविष्कारक James Russell ने 1965 में किया था. James Russell ने ऑडियो रिकॉर्डिंग को स्टोर करने और चलाने के लिए स्टोरेज डिवाइस की कल्पना की. 1966 में James Russell लेजर, डिजिटल रिकॉर्डिंग और ऑप्टिकल डिस्क technologies के combination से CD का पेटेंट प्रस्तुत किया.

1980 के दशक में James Russell ने अपने पेटेंट फिलिप्स इलेक्ट्रॉनिक्स और सोनी कॉर्प को बेच दिए. पहली commercial CD 1982 में जारी की गयी थी. इसी साल दुनिया की पहली CD player CDP-101 को रिलीज़ किया गया और इसका उपयोग दुनियाभर में किया जाने लगा.

धीरे – धीरे CD दुनियाभर में बहुत लोकप्रिय होने लगा, ऑडियो रिकॉर्डिंग के लिए उस समय CD एक Standard डिवाइस था.

CD कैसे काम करती है (How Does CD Work in Hindi)

CD में ट्रैक spiral और flat होते हैं. CD में डेटा को लेजर टेक्नोलॉजी के द्वारा एनकोड किया जाता है. लेजर बीम के द्वारा CD में डेटा की एन्कोडिंग की जाती है. एक विशेष उपकरण जिसे कि CD Writer कहते हैं, इसका उपयोग CD में डेटा को Write करने के लिए किया जाता है.

CD के एक तरफ का हिस्सा चमकीला होता है, जब CD को CD Player में डाला जाता है तो चमकीले साइड पर लेजर बीम टकराते हैं , इसी Process के द्वारा CD में स्टोर डेटा को read किया जाता है.

CD के प्रकार (Type of CD in Hindi)

तकनीकी और उपयोग करने के आधार पर CD अनेक प्रकार की होती है. CD के विभिन्न प्रकारों के बारे में नीचे बताया गया है –

1 – CD ROM (CD – Read only Memory)

CD ROM का फुल फॉर्म Compact Disc Read only Memory होता है. CD ROM में स्टोर डेटा को केवल Read किया जा सकता है. इसमें स्टोर डेटा को Write नहीं किया जा सकता है. CD ROM का इस्तेमाल गेम या सॉफ्टवेर Distribute करने के लिए किया जाता है.

2 – CD – RW (CD-ReWritable)

जैसे कि नाम से स्पष्ट है CD-ReWritable में डेटा को कई बार Write और Erase किया जा सकता है. लेकिन डेटा को अधिक बार Write करने से CD की Quality कम हो जाती है. इसे CD – RW भी कहा जाता है. CD – RW में एक मिश्र धातु का इस्तेमाल किया जाता है जो कि नियमित CD से अलग reflect होती है.

3 – CD – R (CD Write Once Read Many)

CD – R को CD WORM के नाम से भी जाना जाता है, जिसमें WORM का मतलब होता है कि Write Once Read Many. CD – R में डेटा को केवल एक बार write किया जा सकता है और फिर इसे कई बार read किया जा सकता है.

4 – Video CD (विडियो सीडी)

Video CD जिसे कि VCD भी कहते हैं, इसका इस्तेमाल विडियो, इमेज या पिक्चर को स्टोर करने और देखने के लिए किया जाता है. अब इसके स्थान पर DVD का इस्तेमाल होता है. VCD की रिज़ॉल्यूशन DVD की तुलना में बहुत कम थी.

5 – Photo CD (फोटो सीडी)

Photo CD को Kodak के द्वारा डिजाईन किया गया. फोटो CD को डिजिटल रूप में इमेज को स्टोर करने के लिए बनाया गया था. इसमें स्टोर इमेज को कंप्यूटर में एक्सेस और edit किया जा सकता था. फोटो CD को 1992 में लांच किया गया, जिसे कि 100 High Quality Image को स्टोर करने के लिए बनाया गया था.

CD की विशेषताएं (Feature of CD in Hindi)

Compact Disc की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं –

  • CD को CD – ROM भी कहा जाता है क्योंकि इसमें डेटा को केवल एक बार write किया जा सकता है.
  • CD में ऑडियो, विडियो या टेक्स्ट डेटा को भी स्टोर किया जा सकता है.
  • CD की स्टोरेज क्षमता 700 MB तक होती है.
  • CD एक पोर्टेबल स्टोरेज डिवाइस है. आप इसे कहीं भी ले जा सकते हैं.
  • CD में स्टोर डेटा को read करने के लिए लेजर तकनीकी का इस्तेमाल किया जाता है.
  • DVD, Blue Ray डिवाइस के आ जाने के बाद CD का उपयोग अब बहुत कम किया जाता है.

CD के फायदे (Advantage of CD in Hindi)

CD के प्रमुख फायदे निम्नलिखित हैं –

  • CD एक पोर्टेबल स्टोरेज डिवाइस है.
  • CD में डेटा को लंबे समय तक के लिए स्टोर किया जा सकता है.
  • अन्य डिवाइस की तुलना में CD की कीमत कम होती है.
  • CD में स्टोर डेटा को randomly access किया जा सकता है.

CD के नुकसान (Disadvantage of CD in Hindi)

CD के नुकसान निम्नलिखित हैं –

  • CD की स्टोरेज क्षमता केवल 700 MB ही थी, इसलिए अब इस स्टोरेज डिवाइस को इस्तेमाल नहीं किया जाता है.
  • CD में डेटा को read और write करने की स्पीड बहुत Slow होती है.
  • CD में स्क्रैच पड़ने से इसमें स्टोर डेटा अपठनीय हो जाता है.
  • CD में डेटा को एक ही बार Write किया जा सकता है.

FAQ: CD से सम्बंधित सामान्य प्रश्न

CD का फुल फॉर्म क्या है?

CD का फुल फॉर्म Compact Disc है.

CD का आविष्कार किसने किया?

CD का आविष्कार अमेरिकी अविष्कारक James Russell ने 1965 में किया था.

CD की स्टोरेज क्षमता कितनी होती है?

CD की स्टोरेज क्षमता 700 MB होती है.

CD प्लेयर क्या होता है?

CD में स्टोर डेटा को एक्सेस करने से लिए एक डिवाइस की जरुरत पड़ती है जिसे कि CD Player कहा जाता है.

दुनिया का पहला CD प्लेयर कौन सा था?

दुनिया का पहला CD प्लेयर CDP-101 था. जिसे फिलिप्स इलेक्ट्रॉनिक्स और सोनी ने मिलकर बनाया था.

अब CD का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता है?

DVD और Blue Ray जैसे स्टोरेज डिवाइस के आने से CD का इस्तेमाल अब नहीं किया जाता है. क्योंकि DVD और Blue Ray की स्टोरेज क्षमता CD से अधिक है.

CD किससे बनी होती है?

CD Metal और प्लास्टिक से बनी होती है. CD में कुल 3 लेयर होती हैं. इसमें बीच वाला लेयर एल्युमीनियम का बना होता है.

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अंतिम शब्द: सीडी क्या है हिंदी में

इस लेख को पूरा पढने के बाद आप समझ गए होंगे कि CD क्या है इन हिंदी और इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है. CD को शुरुवात में ऑडियो रिकॉर्डिंग को स्टोर करने के लिए उपयोग किया जाता था लेकिन धीरे – धीरे इसका उपयोग विडियो और टेक्स्ट डेटा को स्टोर करने के लिए भी किया जाने लगा.

लेकिन DVD और Blue – Ray जैसे स्टोरेज डिवाइस के आ जाने से CD का इस्तेमाल कम होने लगा और अब CD का इस्तेमाल नहीं किया जाता है.

इस लेख में इतना ही, उम्मीद करते हैं आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह लेख जरुर पसंद आया होगा. इस लेख को सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें.

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