TPIN क्या है और कैसे बनाए (Tpin Generate Kaise Kare)

TPIN Kya Hai In Hindi – जैसा कि आप जानते हैं आजकल हर काम ऑनलाइन इंटरनेट के माध्यम से होने लगा है और ऑनलाइन कामों में फ्रॉड होने की संभावना हमेशा बनी रहती है. ऑनलाइन कार्यों में fraud होने से बचने के लिए हमें अलग – अलग कामों के लिए पिन प्रदान किये जाते हैं. जैसे ATM से पैसे निकालने के लिए ATM PIN, ऑनलाइन पैसे भेजने के लिए MPIN. इसी प्रकार से ऑनलाइन शेयर की लेनदेन के लिए TPIN की जरुरत पड़ती है.

TPIN ऑनलाइन ट्रेडिंग को सुरक्षित बनाती है, जब आप ऑनलाइन शेयर बेचते हैं तो आपको TPIN की आवश्यकता होती है. आज के इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको TPIN की कम्पलीट जानकारी देने वाले हैं. इस लेख में आपको जानने को मिलेगा कि TPIN क्या है, TPIN कैसे बनायें और TPIN के फायदे क्या होते हैं.

तो चलिए आपका अधिक समय लिए बिना शुरू करते हैं आज का यह ब्लॉग पोस्ट और जानते हैं TPIN क्या होता है विस्तार से.

TPIN का फुल फॉर्म क्या है?

TPIN का फुल फॉर्म “Transaction Personal Identification Number” होता है, जिसे कि हिंदी में ट्रांजेक्शन पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर पढ़ा जाता है. TPIN का हिंदी में फुल फॉर्म  लेन-देन व्यक्तिगत पहचान संख्या हैं.

TPIN क्या है और कैसे बनाए (Tpin Generate Kaise Kare) How to Generate TPIN In Hindi
  • TPIN Full Form in English – Transaction Personal Identification Number.
  • TPIN Full Form in Hindi – लेन-देन व्यक्तिगत पहचान संख्या.

TPIN क्या है (What is TPIN in Hindi)

TPIN शेयर मार्केट में CDSL (Central Depository Services Limited) डिपॉजिटरी के द्वारा प्रदान किया जाने वाला 6 अंकों का एक महत्वपूर्ण और Secret पिन है जिसका उपयोग केवल शेयर बाजार में ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए किया जाता है. TPIN आपके शेयर तथा डेटा को सुरक्षा प्रदान करता है. बिना TPIN के आप ऑनलाइन शेयरों को बेच नहीं सकते हैं.

TPIN का इस्तेमाल customer authenticity verification के लिए किया जाता है. TPIN की मदद से स्टॉक ब्रोकर ग्राहक के Order पर उसके डीमैट अकाउंट से शेयर निकाल सकता है.

TPIN को आप बिल्कुल MPIN की तरह समझ सकते हैं, जिस प्रकार से बिना MPIN के आप मोबाइल के द्वारा ऑनलाइन पैसे भेज नहीं सकते हैं उसी प्रकार से बिना TPIN के आप अपने शेयरों को बेच नहीं सकते हैं. TPIN को केवल CDSL डिपॉजिटरी प्रदान करवाती है इसलिए TPIN को CDSL TPIN भी कहा जाता है.

शेयर मार्केट की नियामक SEBI के द्वारा 1 जून 2020 से ही TPIN को लागू कर दिया गया है. TPIN से पहले Power of Attorney (POA) जिसे बाद में TPIN में replace कर दिया गया था.

TPIN कैसे बनायें (How to Generate TPIN in Hindi)

शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास TPIN का होना आवश्यक है, क्योंकि 1 जून 2020 से ही ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए TPIN को लागू कर दिया गया है. जिन भी लोगों का डीमैट अकाउंट है और उनका फोन नंबर या ईमेल एड्रेस अकाउंट में रजिस्टर है तो उन्हें मेल या मैसेज के द्वारा TPIN भेज दिया गया है.

अगर किसी कारणवश आपको TPIN नहीं मिला है तो आप इसे CDSL की वेबसाइट से जनरेट भी कर सकते हैं.

ऑनलाइन TPIN बनाने के लिए आप नीचे बताई गयी प्रोसेस को फॉलो करें.

  • सबसे पहले आपको इस लिंक पर क्लिक करके वेबसाइट को ओपन कर लेना है – https://edis.cdslindia.com/home/generatepin.
  • यहाँ पर आपको अपना BO ID (16 डिजिट का डीमैट अकाउंट नंबर) और पैन कार्ड नंबर दर्ज करने के लिए कहा जायेगा. आप इन दोनों को fill करके Next पर क्लिक कर लीजिये.
  • आपके रजिस्टर मोबाइल नंबर पर एक OTP आयेगा, आपको वह OTP इंटर कर लेना है.
  • अब आपके मोबाइल नंबर पर SMS के द्वारा आपका 6 अंकों का पिन (TPIN) Send कर दिया जायेगा.

तो दोस्तों इस प्रकार से आप बहुत ही आसानी से TPIN जनरेट कर सकते हैं.

TPIN कैसे बदलें (How to Change TPIN in Hindi)

अगर आप सुरक्षा कारणों से अपना TPIN बदलना चाहते हैं तो आप इसे आसानी से बदल भी सकते हैं.

TPIN को बदलने के लिए आप निम्नलिखित प्रोसेस को फॉलो करें.

  • सबसे पहले आप इस लिंक पर क्लिक करके CDSL की वेबसाइट पर विजिट करें – https://edis.cdslindia.com/home/changepin.
  • यहाँ पर आपको अपना BO ID और पैन कार्ड नंबर fill करके Next पर क्लिक कर लेना है.
  • अब आपके द्वारा रजिस्टर मोबाइल नंबर या ईमेल ID पर एक OTP आयेगा, आप OTP को fill करके इंटर प्रेस करें.
  • इसके बाद आपको नया TPIN बना लेना है, आप अपने मर्जी के अनुसार इसे बना सकते हैं.
  • TPIN बना लेने के बाद आप पुष्टि के लिए दुबारा नए TPIN को इंटर करें. बस इतना करते ही आपका TPIN सफलतापूर्वक change हो जायेगा.

TPIN के फायदे (Advantage of TPIN in Hindi)

हर एक निवेशक के लिए TPIN के अनेक सारे फायदे होते हैं. TPIN के कुछ प्रमुख फायदे निम्नलिखित हैं –

  • TPIN आपके डीमेट अकाउंट और डेटा को सुरक्षित करता है.
  • डीमैट अकाउंट से शेयर बेचने के लिए TPIN का कंट्रोल सबसे बेहतर है.
  • TPIN को CDSL डिपॉजिटरी के द्वारा मैनेज किया जाता है, इसलिए इसमें कोई भी ब्रोकर ग्राहक के साथ कोई फ्रॉड नहीं कर सकता है.
  • आप जरुरत पड़ने पर आसानी से TPIN को बदल भी सकते हैं.

FAQs: TPIN In Hindi

शेयर मार्केट में TPIN को कौन प्रदान करता है?

TPIN को CDSLडिपॉजिटरी के द्वारा प्रत्येक निवेशक को प्रदान किया जाता है. और इसे मैनेज करने का कार्य भी CDSL ही करती है.

TPIN को कब लागू किया गया?

शेयर बाजार की रेगुलेटर SEBI के द्वारा 1 जून 2020 से TPIN को लागु किया गया.

CDSL TPIN कितने अंकों का होता है?

CDSL TPIN 6 अंकों का होता है.

क्या हम TPIN को बदल सकते हैं?

जी हाँ, आप CDSL की ऑफिसियल वेबसाइट से TPIN को कभी भी बदल सकते हैं.

TPIN का उपयोग क्या है?

TPIN का उपयोग ट्रेडिंग में हमारे शेयरों तथा सम्पतियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए किया जाता है, अर्थात शेयर मार्केट में ऑनलाइन ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट के लिए Demat Account में TPIN का उपयोग किया जाता है.

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निष्कर्ष – टीपिन क्या है और कैसे बनाए हिंदी में

आपको हमेशा अपने TPIN को गुप्त और सुरक्षित रखना चाहिए, क्योंकि अगर आपका TPIN किसी गलत व्यक्ति के हाथ लग जाता है तो वह आपके डीमैट अकाउंट को एक्सेस करके आपके साथ fraud भी कर सकता है. अगर आपको कभी ऐसा लगे कि आपका TPIN किसी को पता चल गया है तो आप इसे समय रहते Change कर दीजिये.

तो दोस्तों हमें पूरा भरोसा है कि इस लेख को पढने के बाद आप अच्छी प्रकार से समझ गए होंगें कि TPIN क्या होता है और TPIN को कैसे बनायें. यदि अभी भी आपके मन में इस लेख से जुड़े कोई प्रश्न हैं तो बिना संकोच के हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं. हम कोशिस करेंगें कि जल्द से जल्द आपके सवालों का जवाब दे सकें. और यदि आपको इस लेख से कुछ सीखने को मिला है तो इसे सोशल मीडिया पर अपने अन्य दोस्तों के साथ भी शेयर करें.

नमस्कार ! मेरा नाम रणजीत सिंह है और इस Best Hindi Blog का संस्थापक हूँ. मुझे ब्लॉग्गिंग, एसईओ और डिजिटल मार्केटिंग जैसे विषयों पर गहरी नॉलेज है! हमारे ब्लॉग पर आने के लिए धन्यवाद.

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